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अमेरिका-इजराइल और ईरान युद्ध का 12वां दिन: बढ़ती तबाही, खार्ग आइलैंड पर भी नजर

अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच जारी युद्ध अब 12वें दिन में पहुंच गया है। इस संघर्ष में अब तक करीब 140 अमेरिकी सैनिक घायल हो चुके हैं, जबकि 7 सैनिकों की मौत की पुष्टि की गई है।

दूसरी ओर ईरान का कहना है कि उसके देश में हुए हमलों से भारी नुकसान हुआ है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक लगभग 8000 घर क्षतिग्रस्त हो गए हैं और 1300 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।

संयुक्त राष्ट्र (UN) में ईरान के राजदूत अमीर सईद इरावानी ने आरोप लगाया कि हमलों में देश के करीब 9600 नागरिक इलाकों को निशाना बनाया गया। इन जगहों में केवल रिहायशी मकान ही नहीं, बल्कि बाजार, अस्पताल, दवा केंद्र और स्कूल भी शामिल हैं।

इसी बीच ईरान ने दावा किया है कि उसने जवाबी कार्रवाई करते हुए इजराइल के कई प्रमुख शहरों पर मिसाइल हमले किए हैं। ईरान के अनुसार इन हमलों में हाइफा, यरुशलम और तेल अवीव को निशाना बनाया गया।

खार्ग आइलैंड की बढ़ी रणनीतिक अहमियत युद्ध के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य के पास स्थित खार्ग आइलैंड अचानक चर्चा में आ गया है। कुछ अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि डोनाल्ड ट्रम्प प्रशासन इस द्वीप पर नियंत्रण पाने के लिए सैन्य विकल्पों पर विचार कर रहा है। माना जाता है कि यह द्वीप ईरान की तेल आय का सबसे बड़ा केंद्र है।

दरअसल, ईरान के करीब 80 से 90 प्रतिशत कच्चे तेल का निर्यात इसी आइलैंड से होता है। यहां बड़े तेल टर्मिनल, पाइपलाइन, स्टोरेज टैंक और तेल को जहाजों में भरने की आधुनिक सुविधाएं मौजूद हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक यहां से हर दिन लगभग 70 लाख बैरल तक तेल जहाजों में लोड किया जा सकता है।

ईरान की तेल सप्लाई की रीढ़खार्ग आइलैंड को 1960 के दशक में

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